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बागवानी, कटिंग तैयार करना:

बारिश का मौसम केवल धरती को तरोताज़ा ही नहीं करता, बल्कि यह पौधों की कटींग (कलम) लगाने के लिए भी एक आदर्श समय होता है। इस दौरान मिट्टी और वातावरण में अच्छी नमी होती है, तापमान भी अनुकूल रहता है, जिससे कटिंग को जड़ें जमाने में मदद मिलती है। लेख में आगे बताइ गई विधियों को अपनाकर आप 100% तक सफलता पा सकते हैं। बारिश के मौसम में गुलाब के अलावा फूलो के, सजावटी पौधों के, औषधीय पौधों के नए पौधें तैयार किये जा सकते हैं। इन कटींग से न केवल आपके बगीचे में नए पौधे जुड़ेंगे, बल्कि यह आपके घर-आंगन को हरियाली और ताजगी से भी भर देंगे। ■ इस लेख में हम जानेंगे:- • बारिश में कटींग लगाने के लिए उपयुक्त पौधों की सूची • कटींग लगाने की सही विधि • देखभाल के प्रभावी उपाय तो आइए, जानते हैं कि कैसे बारिश के मौसम का लाभ उठाकर आप अपने बगीचे को और भी सुंदर और जीवंत बना सकते हैं। ■ पौधों के नाम:- 1) गुलाब 2) गुड़हल 3) बूगनवेलिया 4) चमेली 5) अपराजिता 6) लिली 7) गेंदा 8) मोगरा 9) रात की रानी 10) कनकचंपा 11) रंगून क्रीपर 12) अल्लामांडा 13) पारिजात हरसिंगार 14) मनी प्लांट 15) क्रोटन 16) कोलेयस 17) संगेनियम 18) फायक्स 19) हैन्गिंग पोथोस 20) स्नेक प्लांट 21) पुदीना 22) तुलसी 23) पान 24) लेमन ग्रास 25) नीम 26) मीठी नीम करीपत्ता 27) गिलोय 28) अश्वगंधा 29) भृंगराज 30) लक्ष्मी तरु 31) शंखपुष्पी 32) अडूसा 33) ड्यूरेंटा 34) लेन्टाना 35) विटेक्स 36) तेजपत्ता 37) शमी 38) कचनार, कांचन 39) गुलमेहंदी 40) करवीर, कनेर 41) जेंड प्लांट 42) अंगूर 43) अनार 44) जामुन 45) आंवला 46) लीची 47) अंजीर 48) शहतूत 49) आम 50) नींबू ■ बारिश के मौसम में कटिंग कैसे लगाए:- 1) गमले का चयन: • गमले में नीचे जल निकासी छेद जरूर हो। • मिट्टी का या प्लास्टिक का गमला बेहतर रहेगा। • छोटे पौधों के लिए 4 से 6 इंच और बड़े पौधों के लिए 8 से 10 इंच का गमला चुने। 2) मिट्टी की तैयारी: • 2 भाग बगीचे की मिट्टी • 1 भाग नदी की रेत • 1 भाग सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट 3) कटिंग तैयार करना: • स्वस्थ पौधे की रोग-मुक्त शाखा चुनें। • कटिंग की लंबाई 6–8 इंच रखें और उसमें कम से कम 2-3 नोड्स/गांठें हों। • नीचे से तिरछा कट करें, ताकि जड़ जल्दी बने। • सारी पत्तियाँ हटा दें या केवल ऊपर की 1–2 छोटी पत्तियाँ छोड़ें। टिप: ताजा कटींग लेकर तुरंत प्रयोग करें। या कटिंग लगाने में थोड़ी देरी हों तो पानी या हल्के गीले कपड़े में लपेटकर छायादार जगह में ही रखें। 4) कटिंग लगाना: • गमले में तैयार मिट्टी भरें। • एक लकड़ी से मिट्टी में छेद करें और कटिंग उसमें डाले। • मिट्टी को हल्के से दबाएं ताकि कटिंग खड़ी हो जाए। वैकल्पिक: आप कटिंग के निचले हिस्से पर हल्का नीम तेल या जैविक फफूंदनाशक लगा सकते हैं। 5) पानी और नमी का प्रबंधन: • कटिंग लगाने के तुरंत बाद हल्का पानी दें। • मिट्टी गीली लेकिन चिपचिपी नहीं होनी चाहिए। • गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ तेज़ बारिश और सीधी धूप न पड़े। • छायादार, परंतु रोशनी वाली जगह सबसे उपयुक्त है। • अगर बारिश ज्यादा हो रही हो, तो गमले को थोड़े ढके हुए स्थान पर रखें या ऊपर से पॉलीथिन शेड बना दें। 6) मौसम गर्म हो तो नमी के लिए मल्चिंग करें: • कोकोपिट, सूखी घास या पत्तियों की पतली परत गमले की मिट्टी पर बिछाएं। यह मिट्टी की नमी बनाए रखेगा और तापमान संतुलित करेगा। 7) आगे की देखभाल: 15–20 दिन में नई कोंपलें दिखें तो कटिंग सफल हो गई है। • 7–10 दिन में एक बार कोई एक जैविक तरल खाद जैसे गोबर का घोल, जीवाअमृत, छाछ का पानी दें। • धूप पसंद करने वाले पौधों की कटिंग जब थोड़ा मजबूत हो जाए, तब इसे धूप में लाना शुरू करें (हर दिन 1 घंटे से धीरे-धीरे शुरू करें)। 8) 100% सफलता के लिए: • कटिंग लगाने के लिए सुबह या शाम का समय चुने। • आप चाहें तो रूटिंग पाउडर का प्रयोग कर सकते हैं। • तेज हवा और भारी बारिश से कटिंग को बचाएं। • गमले को रोज़ घुमाए ताकि एक ही दिशा से रोशनी न मिले। क्या यह जानकारी आपको उपयोगी लगी? कृपया कॉमेंट करके जरूर बताये। अगर अच्छी लगी है तो अपने बागवानी प्रेमी दोस्तों के साथ इसे साझा जरूर करें। आपका एक छोटा सा प्रयास किसी का गार्डन हरा भरा और बेहतर बना सकता है।

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